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एसएफआई ने किया अरावली बचाओ आंदोलन का आगाज




नवलगढ़। छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नवनिर्वाचित कॉलेज कमेटी महासचिव राहुल सैनी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि मोरारका महाविद्यालय परिसर में नवनिर्वाचित कॉलेज कमेटी अध्यक्ष सिद्धार्थ सेवदा के नेतृत्व में अरावली बचाओ आंदोलन की शुरुआत करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान एसएफआई के जिला अध्यक्ष आशीष पचार ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार द्वारा अरावली पर्वतमाला को लेकर जारी किया गया निर्णय जनविरोधी और पर्यावरण विरोधी है, जिसकी एसएफआई कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि अरावली केवल एक पहाड़ नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर है। अरावली की गोद में अनेक लोग अपना जीवनयापन करते हैं और यह क्षेत्र कई प्रकार के जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास भी है।

जिला महासचिव प्रिया चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि अरावली का इतिहास वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप से भी जुड़ा हुआ है। अरावली पर्वतमाला की वजह से ही हमारा जलस्तर और पर्यावरण संतुलित बना रहता है। यदि अरावली को नुकसान पहुंचाया गया तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।

तहसील अध्यक्ष कर्मवीर गुर्जर ने कहा कि कुछ चंद लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से अरावली को खत्म करने की साजिश रची जा रही है, जिसे एसएफआई कभी सफल नहीं होने देगी। छात्र संगठन अरावली की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।

प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष साहिल कुरैशी सहित अरुण मिश्रा, रहिश सेवदा, अमित सैनी, शक्ति यादव, मोहित रणवां, मुजाहिद, सिद्धार्थ, सचिन, आशीष, अमन, योगराज, मोहित, मयुरराज, नवीन, अंकित दूत, राहुल गुर्जर, सोफियान, रश्मि, लक्ष्मी, पूजा, मुस्कान, जिज्ञासा सहित अनेक छात्र-छात्राएं और एसएफआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में अरावली संरक्षण के लिए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया गया।