रामगढ़ शेखावाटी, 22 जनवरी 2026 । ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश करते हुए रामगढ़ शेखावाटी की बेटी बानो लीलगर ने अस्पताल परिसर में मिली तीन तोला सोने की चैन उसके असली मालिक को सात दिन बाद खोजकर लौटा दी। बताया जा रहा है कि चैन की बाजार में अनुमानित कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये है।
बानो लीलगर का पीहर रामगढ़ शेखावाटी के रावणभर का टीला क्षेत्र में है। वे 15 जनवरी को रतनगढ़ से चूरू स्थित राजकीय भरतिया अस्पताल में अपने भाई की पत्नी के प्रसव के बाद नवजात भतीजे से मिलने गई थीं। इसी दौरान अस्पताल के पार्क में उन्हें सोने की एक भारी चैन मिली।
चैन मिलने के बाद बानो ने तुरंत अपने भाई और परिचितों को इसकी जानकारी दी और असली मालिक की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पता चला कि रामगढ़ निवासी मो. फारूक की चूरू में रहने वाली बहन के अस्पताल आने के दौरान यह चैन पार्क में गिर गई थी। पुष्टि होने पर बानो अपने ससुराल से लौटकर मो. फारूक के माध्यम से उनके भांजे को बुलवाया और चैन को ससम्मान वापस सौंप दिया।
उल्लेखनीय है कि बानो एक साधारण परिवार से हैं। उनके भाई और भतीजे ऑटो रिक्शा व गधा गाड़ी चलाकर मजदूरी करते हैं, जबकि बानो स्वयं बूंदी बांधकर प्रतिदिन कुछ सौ रुपये की आमदनी करती हैं। इसके बावजूद उन्होंने ईमानदारी को प्राथमिकता दी और लाखों रुपये की चैन मालिक तक पहुंचाई।
चैन प्राप्त करने वाले परिवार सहित मोहल्लेवासियों और युवाओं ने बानो की इस ईमानदार पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
